Soil Bath
You must have often seen that when an animal is ill, it goes to the wet soil and lies down and within a day or two its health gets better.
Since the soil has such natural properties due to which the soil absorbs the toxic elements from the body and the body becomes healthy.
Perhaps you have heard that a person who has been electrocuted or a person who has been bitten by a snake, has got a lot of relief by keeping him inside the soil.
Soil power works behind it
According to Chhandogya Upanishad, our body is made up of five elements, of which soil is the first element.Soil has amazing ability to correct the disordered energy of the our body.In our ashram, many methods are used for your awakening, one of them is soil bath.
मृदा स्नान
आपने प्रायः देखा होगा कि जब कोई जानवर बीमार होता है तो वह गीली मिट्टी में जाकर लेट जाता है और एक दो दिन में ही उसकी तबियत सही हो जाती है
चूंकि मिट्टी में ऐसे प्राकृतिक गुण होते है जिनकी वजह से मिट्टी शरीर से जहरीले तत्वों को सोख लेती है और शरीर निरोग हो जाता है
शायद आपने सुना हो कि बिजली के झटके लगे व्यक्ति को या सांप काटे हुए व्यक्ति को मिट्टी के अंदर लिटाने से उसको काफी आराम मिला
इसके पीछे मृदा की शक्ति काम करती है
छांदोग्य उपनिषद के अनुसार हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है जिनमे से मिट्टी पहला तत्व हैमिट्टी के अंदर शरीर की अव्यवस्थित ऊर्जा को सही करने की अद्भुत क्षमता होती हैहमारे आश्रम में आपके जागरण के लिए अनेकों विधियां प्रयोग की जाती है उनमें से एक मृदा स्नान भी है
Salt Water Bath
Our body gets many benefits by mixing common salt in water and taking a bath with it.
Since common salt contains potassium, magnesium, zinc, sulphur, calcium, bromide, chloride, and iodide which give essential nutrition to our body
By taking bath in this type of water, we not only feel fresh but detoxification of our body also takes place.Our skin becomes shiny and all the joints of our body start working properly.This is a accurate medicine for all types of skin diseases, it cures many bone related disorders.It is very helpful in relieving stress and it is even very beneficial in curing insomnia.Also, it is helpful in removing acidity and fungal infections of the body.
We just need to protect our hair while taking a shower.
नमकीन पानी स्नान
साधारण नमक को पानी में मिला कर उससे स्नान करने के बहुत से फायदे हमारे शरीर को प्राप्त होते है
चूंकि सामान्य नमक में पोटेशियम, मैग्नीशियम, जिंक, सल्फर, कैल्शियम, ब्रोमाइड, क्लोराइड, और आयोडाइड होते है जो हमारे शरीर को आवश्यक पोषण देते है
इस प्रकार के पानी में स्नान करने पर हम केवल तरो ताजा ही महसूस नहीं करते अपितु हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन भी होता है.हमारी त्वचा चमकदार होती है और हमारे शरीर के सभी जोड़ भली प्रकार से काम करने लगते है | सभी तरह के चर्म रोग की ये रामबाण दवा है हड्डी संबंधी अनेकों विकार इससे ठीक हो जाते है| ये स्ट्रेस दूर करने में बहुत सहायक है और अनिद्रा की बीमारी दूर करने में भी इसका जबाब नहीं | साथ ही ये एसिडिटी और शरीर के फंगल इन्फेक्शन दूर करने में सहायक है|
बस नहाते समय हमें अपने बालों की रक्षा करनी चाहिए|
Pyramid Meditation
लेजर जेंट्रम रिसर्च इंस्टीट्यूट जर्मनी और आईटीएमओ यूनिवर्सिटी रूस ने पिरामिड के अंदर की ऊर्जा पर शोध किया है, उन्हें पिरामिड के अंदर ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगों पर काम करने के कई जबरदस्त नतीजे मिले हैं।
यहां तक कि एक आम आदमी भी पिरामिड की ऊर्जा पर आसानी से प्रयोग कर सकता है यदि आप एक फल पिरामिड के अंदर और एक फल बाहर रखते हैं तो
तीन-चार दिन के बाद आप देखेंगे कि बाहर रखा फल खराब होने लगेगा जबकि पिरामिड में रखा फल ज्यों का त्यों बना रहता है।
पिरामिड में दो चीजें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं,
पहला, इसके आधार की एक भुजा ठीक उत्तर-दक्षिण दिशा में होनी चाहिए।
दूसरा, पिरामिड का कोण 51⁰ 51′ 51″ होना चाहिए।
पिरामिड का ऊर्जा केंद्र अपने उच्चतम बिंदु से 2/3 ऊंचाई पर होता है,
इसलिए शरीर के उस हिस्से को चक्र की ऊंचाई पर रखना जोकि अवरुद्ध है, तब उस चक्र का सही होना निश्चित है।
पिरामिड में अकेले बैठकर ध्यान करने की कोशिश करें, कई लोगों के अलग-अलग एनर्जी लेवल के कारण आपकी एनर्जी में डिस्टर्बेंस होने की संभावना रहती है।
VIBGYOR Therapy
जैसा कि आप जानते होंगे कि हमारे शरीर में 7 अलग अलग ऊर्जा चक्र होते है जिनको
मूलाधार चक्र
स्वाधिष्ठान चक्र
मणिपूर चक्र
अनाहत चक्र
विशुद्धि चक्र
आज्ञा चक्र
सहश्रार चक्र
कहते है
प्रत्येक व्यक्ति में ये सभी ऊर्जा चक्र सुप्त अवस्था में होते है चूंकि इनके ऊपर बहुत तरह के अवरोध जमा होते है तो इनको जाग्रत करने के लिए पहले इन अवरोधों को हटाना आवश्यक होता है
प्रत्येक ऊर्जा चक्र का एक यंत्र होता है एक मंत्र होता है और एक रंग होता है
इन चक्रों पर कार्य करने के लिए ये तीन तरीके होते है
तो यहां हम तीसरे तरीके यानी रंगो का प्रयोग करते है
चक्रों के रंगो के अनुसार व्यक्ति पर सूर्य का प्रकाश विभाजित कर डाला जाता है जिससे कि उसके ऊर्जा चक्रों के अवरोध हट सकें
