ध्यान: युद्ध नहीं, प्रेमपूर्ण जागरण है

ध्यान: युद्ध नहीं, प्रेमपूर्ण जागरण है वर्षों की साधना के बाद भी काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर क्यों नहीं जाते? प्रिय मित्र, वर्षों तक ध्यान करने के बाद भी यदि काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर — ये छह शत्रु आपका पीछा नहीं छोड़ते… तो प्रश्न साधना पर नहीं, समझ पर खड़ा […]